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कनिष्ठ लिपिक भर्ती 2013 : ग्रामीण विकास और पंचायतीराज विभाग ने दिए निर्देश, अभ्यर्थियों को शीघ्र नियुक्ति मिलने की उम्मीद


बांसवाड़ा.

जिला परिषद में कनिष्ठ लिपिक पद पर नियुक्ति की राह देख रहे अभ्यर्थियों के लिए अब उम्मीद की किरण जगी है। ग्रामीण विकास और पंचायतीराज विभाग की ओर से भर्ती को लेकर लंबित अभ्यावेदनों का शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश दिए गए हैं। कनिष्ठ लिपिक भर्ती 2013 में बोनस अंक विवाद के चलते ऑफलाइन आवेदन किए थे। मामले में उस समय न्यायालय ने प्रस्तुत याचिका पर स्थगन आदेश दिया, जिससे नियुक्ति प्रक्रिया रोक ली गई थी। वर्ष 2017 में स्थगन आदेश हटने के बाद एक सितंबर 2017 तक नियुक्ति देने के राज्य सरकार ने कैलेण्डर जारी किया, लेकिन सत्यापन कार्य में लापरवाही बरती गई। इसके चार माह बाद जनवरी में सत्यापन हुआ।

जनवरी 2018 में सत्यापन होने के बाद भी ढिलाई बरती गई और 22 जून को सूची निकाली गई, जिसमें पात्र, अपात्र, कम्प्यूटर प्रमाण पत्र की योग्यता के संबंध में विचाराधीन और अनुभव प्रमाण पत्र व कम्प्यूटर कोर्स की जांच अपेक्षित विषयक चार सूचियां शामिल थीं। इसमें स्पष्टीकरण प्राप्त करने के सात, कम्प्यूटर प्रमाण पत्र की योग्यता के मामले में पांच, तथा प्रशैक्षिक योग्यता से संबंधित छह अभ्यर्थी थे। कम्प्यूटर प्रमाण पत्र की योग्यता संबंधी जांच में पांच में से चार अभ्यर्थियों की रिपोर्ट सही पाई गई और इसे 16 जुलाई को कार्यालय को भी भेज दी गई।

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*खुद के प्रमाण पत्र में दशाई थी कमी*

गौरतलब है कि जिला परिषद की ओर से अभ्यर्थियों को अनुभव प्रमाण पत्र जारी किया था, लेकिन उसमें कमी दर्शा कर 22 जून को स्पष्टीकरण की सूची में डाल दिया, जिससे अभ्यर्थियों को परेशान होना पड़ा। बाद में जांच व स्पष्टीकरण वाले अभ्यर्थियों की ओर से आपत्ति जताने पर जिला परिषद की ओर से गलती स्वीकार कर अनुभव प्रमाण पत्र भी नए बनाकर दस्तावेजों के साथ संलग्न किए गए, लेकिन अब तक पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति नहीं मिली है।

*मार्गदर्शन के नाम पर टाला*

इस भर्ती में जिला परिषद की संस्थापना शाखा की ओर से पूर्व में बरती गई लापरवाही का खमियाजा अभ्यर्थी अब भी भुगत रहे हैं। नियुक्ति की मांग पर अभ्यर्थियों को मार्गदर्शन लेने के नाम पर टाला जाता रहा। हालांकि बीते दिनों जिला परिषद की स्थापना समिति की बैठक में यह प्रकरण उठा और इसमें स्क्रीनिंग कमेटी गठित की गई थी, लेकिन इसे भी करीब एक माह बीतने को है। ऐसे में अब अभ्यावेदनों के निस्तारण करने संबंधी आदेश से अभ्यर्थियों को शीघ्र नियुक्ति मिलने की आस जगी है।

*इनका कहना है*

डीईसी की बैठक अनुसार स्क्रीनिंग कमेटी भी गठित की जा चुकी है। अभ्यावेदनों का शीघ्र निस्तारण करने के आदेश मिले हैं। शीघ्र ही पात्र अभ्यर्थियों की नियुक्ति प्रक्रिया पूर्ण कर ली जाएगी।
जीएस राणावत, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद बांसवाड़ा

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