Skip to main content

सरकार को पता नहीं लग रहा प्रदेश में कितने संविदाकर्मी , सचिवालय में फिर हुआ मंथन


सचिवालय में बुधवार को चौथी बार ऊर्जा मंत्री बीडी कल्ला की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल सब कमेटी की बैठक हुई. जहां कई विभागों के रिपोर्ट पेश नहीं करने पर सब कमेटी ने नाराजगी जताते हुए एक सप्ताह में आंकड़े पेश करने के निर्देश दिए.

जयपुर. प्रदेश की गहलोत सरकार की तमाम कोशिशों के बाद भी यह पता नहीं लग पा रहा है कि प्रदेश में कितने संविदा कर्मचारी कार्यरत हैं. संविदा कर्मचारियों को नियमित करने को लेकर बनाई गई मंत्रिमंडल सब कमेटी लगातार चार मीटिंग से सभी विभागों में कार्यरत संविदा कर्मचारियों की सूची मांग रही है. लेकिन अधिकारी आंकड़ा ही तैयार नहीं कर पा रहे है.

सचिवालय में सब कमेटी की बैठक का आयोजन

प्रदेश के लगभग दो लाख संविदा कर्मचारियों को नियमित करने के लिए प्रदेश की गहलोत सरकार ने मंत्रिमंडल सब कमेटी का गठन किया. जिसे लेकर सब कमेटी ने अब तक 4 बार बैठक कर ली है, लेकिन कमेटी ये आकड़ा नहीं जुटा पाई है कि आखिर प्रदेश में कुल कितने संविदा कर्मचारी है.
सचिवालय में बुधवार को चौथी बार ऊर्जा मंत्री बीडी कल्ला की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल सब कमेटी की बैठक में चिकित्सा, शिक्षा, पंचायती राज सहित करीब एक दर्जन विभागों के आंकड़े जुटाए गए. बैठक में इन एक दर्जन विभागों में कितने संविदा कर्मी किस-किस विभाग में लगे हुए हैं इसकी विस्तृत रिपोर्ट तैयार की गई. लेकिन अभी भी आधे से ज्यादा विभाग ऐसे है जिन्होंने आंकड़े नही दिए है. जिस पर सब कमेटी ने नाराजगी जताते हुए एक सप्ताह में आंकड़े पेश करने के निर्देश दिए.
वहीं इसके अलावा बैठक में यह भी देखा गया कि अगर विभाग के हिसाब से संविदाकर्मियों को नियमित किया जाता है तो किस विभाग में कितने पद खाली है. जिससे संविदाकर्मियों को समायोजित किया जा सके. मंत्री बीडी कल्ला ने कहा कि ज्यादातर काम निपटा लिया गया है और कमेटी को रिपोर्ट पेश करने में ज्यादा समय नहीं लगेगा.
वहीं अधिकारियों के दुबारा आंकड़े पेश करने को लेकर मंत्री ने कहा कि कुछ विभागों की रिपोर्ट आना बाकी है जिसे जल्द देने के निर्देश दिए गए है. मंत्री ने कहा पिछली सरकार ने तो पूरे पांच साल में सिर्फ मीटिंग कर टाइम पास किया गया और किसी भी संविदाकर्मी को नियमित करने की दिशा में कोई काम नहीं किया गया. हमारी सरकार ने कम से कम आंकड़े तो एकत्रित किये है.
उन्होंने कहा कि काफी हद तक काम खत्म कर लिया जाता लेकिन बीच मे लोकसभा चुनाव की आचार सहिंता लगने की वजह से तीन महीने काम नहीं हो पाया था. बैठक में मंत्री बीडी कल्ला के अलावा चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा, खेल मंत्री अशोक चांदना, शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा, महिला बाल विकास मंत्री ममता भूपेश सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे.
बता दें कि कांग्रेस की सरकार ने सत्ता में आने से पूर्व अपने घोषणापत्र में कहा था कि अगर प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनेगी तो सभी संविदा कर्मचारियों को नियमित किया जाएगा.
सरकार ने अपने घोषणा पत्र को सत्ता में आने के साथ ही सरकारी दस्तावेज में शामिल किया था और घोषणापत्र में किए गए वादों को पूरा करने के लिए मंत्रिमंडलीय सब कमेटी का गठन किया.
साथ ही उन समितियों को अलग-अलग कामकाज की जिम्मेदारी दी गई थी. जिसमें मंत्री बीडी कल्ला की अध्यक्षता में बनाई गई समिति को जिम्मेदारी दी गई थी कि प्रदेश में लगे संविदा कर्मचारियों का डेटाबेस तैयार करके उनके नियमितीकरण को लेकर प्रक्रिया पूरी कराएं.

Comments

Popular posts from this blog

मनरेगा संविदा कार्मिको ने एलडीसी भर्ती-2013 Praj Dept के 10,029 पदो पर और एसएसआर भर्ती 2013 के 4913 पदो पर भर्ती के लिए मुख्यमंत्री गहलोत को सौंपा ज्ञापन

 राजस्थान मनरेगा संविदा कार्मिक संघ ने सोमवार को जोधपुर एयरपोर्ट पर माननीय मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को नियमितीकरण की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा राजस्थान महात्मा गांधी नरेगा संविदा कार्मिक संघ के जिला अध्यक्ष प्रतापराम धांधु ने बताया कि पंचायती राज विभाग द्वारा वर्ष 2013 में निकाली गई कनिष्ठ लिपिक2013 के शेष रहे 10029 पदों एवं राजस्थान अधीनस्थ सेवा भर्ती 2013 के समस्त पदों पर माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के अनुसार भर्ती को पूर्ण करने की मांग की पिछली कांग्रेस सरकार के समय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग ने वर्ष 2013 में वित्त विभाग से अनुमति प्राप्त कर नियमानुसार कनिष्ठ लिपिक पदों के लिए कुल 19515 पद एवं एसएसआर राजस्थान अधिनस्थ सेवा के 4915 विभिन्न पद विज्ञापित किए थे जिनमें से लगभग 9500 पदों पर नियुक्ति तत्समय ही कर दी गई थीं। भर्ती के दौरान बोनस अंकों के बिंदु पर विधिक विवाद होने से माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा यथास्थिति का आदेश कर दिए जाने के कारण भर्ती प्रक्रिया लंबित रखी गई थी उक्त न्यायिक प्रकरण का दिनांक 29 नवंबर 2016 को राज्य सरकार एवं नरेगा कार्मि...

राजस्थान के बेरोजगारों का 9 अक्टूबर को दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय पर प्रदर्शन। अब कांग्रेस को हराने की शपथ ली।

1 अक्टूबर को जयपुर में शहीद स्मारक के परिसर में प्रदेश भर के बेरोजगारों की एक सभा हुई। राजस्थान बेरोजगार एकीकृत महासंघ के बैनर तले हुई इस सभा में बेरोजगारों ने सरकार को चेतावनी दी कि यदि आठ दिन में मांगे नहीं मानी गई तो 9 अक्टूबर को दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय पर बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा। महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष उपेन यादव ने बताया कि राज्य में कांग्रेस सरकार को बनवाने में बेरोजगारों की महत्वपूर्ण भूमिका थी। भाजपा की सरकार ने बेरोजगारों की विभिन्न मांगों को पूरा नहीं किया, इसलिए विधानसभा के चुनाव में घर घर जाकर युवाओं ने भाजपा के खिलाफ प्रचार किया, लेकिन अब कांग्रेस सरकार भी वही कर रही है जो भाजपा ने किया था। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट से लेकर राज्य के मुख्य सचिव तक को बेरोजगारों की समस्याओं से अवगत कराया दिया गया, लेकिन फिर भी समस्या वहीं है। जिन हजारों युवाओं ने परीक्षा उत्तीर्ण कर ली है उन्हें नियुक्ति नहीं मिल रही है। बेरोजगारों में अब सरकार के प्रति भारी आक्रोश है। यादव ने बताया कि मंडावा और खींवसर में होने वाले विधानसभा के उपचुनाव में भी बेरोजगार घर घर जाक...

संसदो की सैलरी बड़ायी लेकिन संविदा कार्मिको की क्यू नहीं