Skip to main content

EWS आरक्षण FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)

🇮🇳 *EWS आरक्षण FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)*
1. पिता के नाम 12 बीघा से अधिक जमीन है तथा उनके 2 या अधिक पुत्र हैं तो क्या पुत्रों का EWS बन सकता है ?
उत्तर : नहीं, क्योंकि प्रत्येक आवेदक के परिवार की परिभाषा के अंतर्गत आवेदक स्वयं एवं पिता की संपत्ति मिलाकर देखी जाती है। चूंकि आज जमीन पिता के नाम है अतः सभी पुत्रों की संपत्ति की गणना में प्रयुक्त होगी। इसका उपाय यही है कि संपत्ति का बंटवारा सभी पुत्रों में इस प्रकार किया जाए कि प्रत्येक के हिस्से में 12 बीघा से कम जमीन हो । यदि बंटवारे के पश्चात भी प्रत्येक पुत्र के हिस्से में 12 बीघा से अधिक जमीन आती हो तो किसी एक पुत्र के नाम जिसका ईडब्ल्यूएस नहीं बनवाना हो अतिरिक्त जमीन का नामांतरण किया जा सकता है।

2. यदि जमीन दादा या दादी के नाम है तथा पिता के नाम जमीन नहीं है तो क्या ईडब्ल्यूएस बन सकता है?
उत्तर : हां। चूंकि ईडब्ल्यूएस के तहत परिवार की परिभाषा में दादा एवम दादी को शामिल नहीं किया गया है ।अतः उनके नाम कितनी भी जमीन हो आवेदक का ईडब्ल्यूएस बन सकता है।

3. यदि पिता सरकारी नौकरी में है तो क्या ईडब्ल्यूएस बन सकता है?
उत्तर : हां। पिता या स्वयं आवेदक भी सरकारी नौकरी में हो तो भी कोई बाधा नहीं है ।केवल उनकी सालाना आय आठ लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए।

4. यदि पूर्ण रूप से योग्य होने एवं सभी दस्तावेज पूर्ण होने के बाद भी ईडब्ल्यूएस आवेदन सरकारी कार्यालय से लौटाया जा रहा है या आनाकानी की जा रही हो तो क्या करें?
उत्तर : अपने उपखंड अधिकारी कार्यालय में संपर्क कर शिकायत करें। यदि वहां सुनवाई नहीं होती है तो जिला कलेक्टर के पास शिकायत करें। इसके अतिरिक्त राजस्थान संपर्क पोर्टल पर ऑनलाइन या टोल फ्री नंबर 181 पर कॉल करके भी उक्त कार्मिक की नामजद शिकायत दर्ज करवाई जा सकती है।

5. यदि राशन कार्ड पिता से अलग बना हुआ है तो क्या ईडब्ल्यूएस का लाभ लिया जा सकता है?
उत्तर : नहीं। चूंकि राशन कार्ड मात्र पहचान दस्तावेज है अतः इसके अलग होने या नहीं होने से कोई फर्क नहीं पड़ता। ईडब्ल्यूएस की निर्धारित शर्तें पूर्ण करने पर ही प्रमाण पत्र बनवाया जा सकता है।

6. पिता के नाम जमीन ईडब्ल्यूएस हेतु निर्धारित शर्तों से अधिक है तो किस प्रकार यह प्रमाण पत्र बनवाया जा सकता है?
उत्तर : निर्धारित मानकों से अतिरिक्त जमीन को ईडब्ल्यूएस हेतु निर्धारित परिवार (आवेदक स्वयं एवम उसके माता पिता, आवेदक के पति अथवा पत्नी,18 साल से छोटे-भाई बहिन,18 साल से छोटे पुत्र-पुत्री) की परिभाषा से इतर किसी विश्वस्त व्यक्ति या सदस्य के नाम नामांतरण करवाकर ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र बनवाया जा सकता है। उदाहरणार्थ यदि आवेदक के 18 साल से बड़े भाई या बहन है तो जो अतिरिक्त जमीन है उनके नाम ट्रांसफर करवाकर ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र बनाया जा सकता है।

7. क्या यह आरक्षण लागू होने की तिथि के बाद जमीन नामांतरण करवाकर ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र बनवाया जा सकता है?
उत्तर : हाँ,जिस दिन आप ईडब्ल्यूएस हेतु आवेदन करते हैं उससे पूर्व सभी प्रकार के नामांतरण किए जा सकते हैं। इसका आरक्षण लागू होने की तिथि से कोई संबंध नहीं है।

8. क्या ईडब्ल्यूएस आवेदन पत्र में BDO/ तहसीलदार/ अधिशासी अधिकारी की रिपोर्ट /हस्ताक्षर करवाना अनिवार्य है?
उत्तर : नहीं। ग्रामसेवक एवम हलका पटवारी की रिपोर्ट/हस्ताक्षर का प्रावधान है।

9. क्या एक्स सर्विसमैन अपने आरक्षण के साथ EWS का लाभ ले सकता है।
उत्तर : हाँ। EWS आरक्षण के साथ परीक्षाओं में मिलने वाला क्षैतिज आरक्षण (Horizontal Reservation) जैसे, Ex Serviceman / Widow/special abbled Reservation/TSP आदि का लाभ भी मिलेगा।

10. क्या 18 साल से बड़े अविवाहित भाई/ बहिन के नाम संपत्ति भी आवेदक की संपत्ति में जोड़ी जाएगी?
उत्तर : नही, 18 साल से छोटे भाई /बहिन की संपत्ति आवेदक की संपत्ति के साथ जोड़ी जाती है। इसका केवल 18 साल की आयु से सम्बन्ध है, वैवाहिक स्थिति से कोई सम्बन्ध नही है।

11. क्या सभी राज्यो में ews हेतु इतनी कड़ी शर्तें है?
उत्तर : नही, गुजरात मे केवल 8 लाख सालाना आय की शर्त है। राजस्थान में भी इस तरह का सुधार राज्य सरकार द्वारा किया जा सकता है।

12. आवेदक के परिवार में कौन कौन शामिल होंगे जिनकी आय /सम्पत्ति जोड़ी जाएगी ?
उत्तर : आवेदक स्वयं एवम उसके माता पिता, आवेदक के पति अथवा पत्नी,18 साल से छोटे-भाई बहिन,18 साल से छोटे पुत्र-पुत्री।
विवाहित महिला का EWS प्रमाण पत्र उसके माता-पिता के मूल निवास स्थान से बनेगा। (जिसमें आय व सम्पति की गणना हेतु उसे अपने पति व 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों की आय व सम्पत्ति को उसके माता-पिता एवं 18 वर्ष से कम आयु के उसके भाई-बहन की आय व सम्पत्ति में जोड़ना होगा। सास ससुर के नाम सम्पत्ति को नही जोड़ा जाएगा।)

Comments

Popular posts from this blog

मनरेगा संविदा कार्मिको ने एलडीसी भर्ती-2013 Praj Dept के 10,029 पदो पर और एसएसआर भर्ती 2013 के 4913 पदो पर भर्ती के लिए मुख्यमंत्री गहलोत को सौंपा ज्ञापन

 राजस्थान मनरेगा संविदा कार्मिक संघ ने सोमवार को जोधपुर एयरपोर्ट पर माननीय मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को नियमितीकरण की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा राजस्थान महात्मा गांधी नरेगा संविदा कार्मिक संघ के जिला अध्यक्ष प्रतापराम धांधु ने बताया कि पंचायती राज विभाग द्वारा वर्ष 2013 में निकाली गई कनिष्ठ लिपिक2013 के शेष रहे 10029 पदों एवं राजस्थान अधीनस्थ सेवा भर्ती 2013 के समस्त पदों पर माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के अनुसार भर्ती को पूर्ण करने की मांग की पिछली कांग्रेस सरकार के समय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग ने वर्ष 2013 में वित्त विभाग से अनुमति प्राप्त कर नियमानुसार कनिष्ठ लिपिक पदों के लिए कुल 19515 पद एवं एसएसआर राजस्थान अधिनस्थ सेवा के 4915 विभिन्न पद विज्ञापित किए थे जिनमें से लगभग 9500 पदों पर नियुक्ति तत्समय ही कर दी गई थीं। भर्ती के दौरान बोनस अंकों के बिंदु पर विधिक विवाद होने से माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा यथास्थिति का आदेश कर दिए जाने के कारण भर्ती प्रक्रिया लंबित रखी गई थी उक्त न्यायिक प्रकरण का दिनांक 29 नवंबर 2016 को राज्य सरकार एवं नरेगा कार्मि...

राजस्थान के बेरोजगारों का 9 अक्टूबर को दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय पर प्रदर्शन। अब कांग्रेस को हराने की शपथ ली।

1 अक्टूबर को जयपुर में शहीद स्मारक के परिसर में प्रदेश भर के बेरोजगारों की एक सभा हुई। राजस्थान बेरोजगार एकीकृत महासंघ के बैनर तले हुई इस सभा में बेरोजगारों ने सरकार को चेतावनी दी कि यदि आठ दिन में मांगे नहीं मानी गई तो 9 अक्टूबर को दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय पर बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा। महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष उपेन यादव ने बताया कि राज्य में कांग्रेस सरकार को बनवाने में बेरोजगारों की महत्वपूर्ण भूमिका थी। भाजपा की सरकार ने बेरोजगारों की विभिन्न मांगों को पूरा नहीं किया, इसलिए विधानसभा के चुनाव में घर घर जाकर युवाओं ने भाजपा के खिलाफ प्रचार किया, लेकिन अब कांग्रेस सरकार भी वही कर रही है जो भाजपा ने किया था। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट से लेकर राज्य के मुख्य सचिव तक को बेरोजगारों की समस्याओं से अवगत कराया दिया गया, लेकिन फिर भी समस्या वहीं है। जिन हजारों युवाओं ने परीक्षा उत्तीर्ण कर ली है उन्हें नियुक्ति नहीं मिल रही है। बेरोजगारों में अब सरकार के प्रति भारी आक्रोश है। यादव ने बताया कि मंडावा और खींवसर में होने वाले विधानसभा के उपचुनाव में भी बेरोजगार घर घर जाक...

संसदो की सैलरी बड़ायी लेकिन संविदा कार्मिको की क्यू नहीं