केश बुक सम्बन्धित सामान्य जानकारी
2 कैश राशि
3बैंक में जमा राशि
*कैश बुक में दो पक्ष (दो पेज) होते है*
1 जमा पक्ष क्रेडिट साइड 👉इसमे संस्था को प्राप्त होने वाली राशि की एंट्री कर राशि को जमा किया जाता है इसको लिखते समय यदि राशि नगद प्राप्त हुईं है तो योग एवम कैश के कॉलम में लिखेंगे।
यदि राशि सीधे ही बैंक ac में जमा हुई है तो उसकी एंट्री योग एवम बैंक के कॉलम में होगी इसी प्रकार कोई चेक या Dd प्राप्त हुआ है तो उसे बैंक में देने के बाद राशि total एवं बैंक के कॉलम में लिख कर जमा होगी।
*नाम पक्ष*डेबिट साइड
1 इसमे आप द्वारा किये गए व्यय या भुगतान की राशि लिखी जाती है।
2 नगद भुगतान किया है तो टोटल एवम cash के कॉलम में लिखते है।
3 यदि भुगतान चेक से किया गया है तो टोटल एवम बैंक के कॉलम में एंट्री लिखते है।
4 बिल या बाउचर पर बाउचर न एवम डेट अंकित कर कैश बुक में निर्धारित जगह पर भी लिखते है।
5 बाउचर से प्राप्त सामग्री को स्टॉक रजिस्टर में दर्ज करना अनिवार्य है।
इसके साथ ही बाउचर के पीछे स्टॉक रजिस्टर के पेज न एवम दिनाक लिखे जहाँ सामग्री जमा की है।
6 वाउचर का भुगतान करने के बाद paid & canciled की शील लगा देवे ।
7 केशबुक के अनुसार जितनी कैश बुके संस्था में है उनकी अलग अलग बाउचर फ़ाइल बना कर उसमे क्रम से बाउचरो को फ़ाइल करे।
*कुछ सामान्य जानकारियां*
1 केशबुक दिन के हिसाब से प्रति दिन भरनी चाहिए अधिक दिनों की एक साथ भरने पर गलती होने की संभावना रहती है।
2 कैश बुक में ओवर राइटिंग, ब्लेड से कटिंग,व्हाइटनर का उपयोग नही करे।
3 कोई गलती हो तो उस पर गोल लगा कर सही फिगर ऊपर लिख देवे एवम लघु हस्ताक्षर से प्रमाणित कर देवे।
4 एक दिन की समस्त आय,व्यय आदि लिख कर उसे बंद कर दोनों पक्षो में हस्ताक्षर करें।

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