शेखावाटी के बेरोजगारों की नौकरी की आस आचार संहिता में उलझ सकती है। क्योकि अभी तक प्रयोगशाला सहायक, महिला पर्यवेक्षक, लिपिक, द्वितीय श्रेणी ( Laboratory Assistant, Female Supervisor, Clerk, Second Class Recruitment ) सहित आठ भर्ती परीक्षाओं का फाइनल परिणाम जारी नहीं हुआ है।
सीकर.
शेखावाटी के बेरोजगारों की नौकरी की आस आचार संहिता में उलझ सकती है। क्योकि अभी तक प्रयोगशाला सहायक, महिला पर्यवेक्षक, लिपिक, द्वितीय श्रेणी ( Laboratory Assistant, Female Supervisor, Clerk, Second Class Recruitment ) सहित आठ भर्ती परीक्षाओं का फाइनल परिणाम जारी नहीं हुआ है। इस वजह से युवाओं की नौकरी की आस दूर होती नजर आ रही है। हालांकि कर्मचारी चयन बोर्ड ने पीटीआई भर्ती का परिणाम जारी कर दिया। नगर निकाय चुनाव को लेकर अक्टूबर महीने में आचार संहिता लगना लगभग तय है। युवाओं को बस अब एक ही उम्मीद है कि सरकार राज्य निर्वाचन आयोग से अनुमति लेकर भर्र्तियों की राह खुलवाएगी। अटकी भर्तियों की वजह से एक लाख युवाओं का सरकारी नौकरी का सपना दूर होता जा रहा है।
पुलिस व पटवार भर्ती की घोषणा
मुख्यमंत्री ने पिछले महीने पटवारी व पुलिस की भर्ती ( Patwari and police recruitment ) कराने की घोषणा की थी। लेकिन अभी तक विज्ञप्ति जारी नहीं हुई है। युवाओं का कहना है कि यदि अभी सरकार ने विज्ञप्ति नहीं निकाली तो परीक्षाओं का शैड्यूल भी प्रभावित होगा। वहीं प्रदेश में युवाओं की ओर से शिक्षक प्रात्रता परीक्षा कराने की मांग भी की जा रही है।
एक और प्रतीक्षा सूची की मांग
बेरोजगारों की ओर से रीट की एक और प्रतीक्षा सूची जारी कराने की मांग को लेकर युवा आंदोलनरत है। इसके लिए पिछले दिनों युवाओं ने शिक्षा मंत्री गोविन्द सिंह डोटासरा से भी भी मुलाकात की थी। युवाओं का कहना है कि पिछली सरकार के समय निकाली 54 हजार की शिक्षकों की भर्ती के पूरे पद अभी तक नहीं भरे है। ऐसे में एक और सूची विभाग को जारी करनी चाहिए। लेकिन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि नियमों के पेंच की वजह से सूची जारी नहीं हो पा रही है। दूसरी तरफ प्रधानाध्यापक भर्ती के चयनितों की सूची राजस्थान लोक सेवा आयोग की ओर से जल्द शिक्षा विभाग को भिजवाई जाएगी।
पहले आरक्षण के गणित की वजह से बिगड़े समीकरण
प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के समय 16 भर्ती लंबित थी। इनमें से पांच भर्तियों को छोडकऱ सभी आरक्षण के पेंच में उलझ गई। युवाओं का कहना है कि सरकार ने इन पेंचों को सुलझाने में काफी समय लगा दिया। इस कारण अब भर्तियों की व्यवस्था पटरी पर नहीं आ रही है।
अटकी भर्तियों के मामले को लेकर पिछले दिनों मुख्यमंत्री से भी मुलाकात की थी। युवाओं के संघर्ष की वजह से पीटीआई भर्ती का परिणाम जारी हुआ है। नई भर्तियों की विज्ञप्ति भी आगामी दिनों में जारी होने की संभावना है। -उपेन यादव, अध्यक्ष, राजस्थान बेरोजगार एकीकृत महासंघ
सीकर.
शेखावाटी के बेरोजगारों की नौकरी की आस आचार संहिता में उलझ सकती है। क्योकि अभी तक प्रयोगशाला सहायक, महिला पर्यवेक्षक, लिपिक, द्वितीय श्रेणी ( Laboratory Assistant, Female Supervisor, Clerk, Second Class Recruitment ) सहित आठ भर्ती परीक्षाओं का फाइनल परिणाम जारी नहीं हुआ है। इस वजह से युवाओं की नौकरी की आस दूर होती नजर आ रही है। हालांकि कर्मचारी चयन बोर्ड ने पीटीआई भर्ती का परिणाम जारी कर दिया। नगर निकाय चुनाव को लेकर अक्टूबर महीने में आचार संहिता लगना लगभग तय है। युवाओं को बस अब एक ही उम्मीद है कि सरकार राज्य निर्वाचन आयोग से अनुमति लेकर भर्र्तियों की राह खुलवाएगी। अटकी भर्तियों की वजह से एक लाख युवाओं का सरकारी नौकरी का सपना दूर होता जा रहा है।
पुलिस व पटवार भर्ती की घोषणा
मुख्यमंत्री ने पिछले महीने पटवारी व पुलिस की भर्ती ( Patwari and police recruitment ) कराने की घोषणा की थी। लेकिन अभी तक विज्ञप्ति जारी नहीं हुई है। युवाओं का कहना है कि यदि अभी सरकार ने विज्ञप्ति नहीं निकाली तो परीक्षाओं का शैड्यूल भी प्रभावित होगा। वहीं प्रदेश में युवाओं की ओर से शिक्षक प्रात्रता परीक्षा कराने की मांग भी की जा रही है।
एक और प्रतीक्षा सूची की मांग
बेरोजगारों की ओर से रीट की एक और प्रतीक्षा सूची जारी कराने की मांग को लेकर युवा आंदोलनरत है। इसके लिए पिछले दिनों युवाओं ने शिक्षा मंत्री गोविन्द सिंह डोटासरा से भी भी मुलाकात की थी। युवाओं का कहना है कि पिछली सरकार के समय निकाली 54 हजार की शिक्षकों की भर्ती के पूरे पद अभी तक नहीं भरे है। ऐसे में एक और सूची विभाग को जारी करनी चाहिए। लेकिन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि नियमों के पेंच की वजह से सूची जारी नहीं हो पा रही है। दूसरी तरफ प्रधानाध्यापक भर्ती के चयनितों की सूची राजस्थान लोक सेवा आयोग की ओर से जल्द शिक्षा विभाग को भिजवाई जाएगी।
पहले आरक्षण के गणित की वजह से बिगड़े समीकरण
प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के समय 16 भर्ती लंबित थी। इनमें से पांच भर्तियों को छोडकऱ सभी आरक्षण के पेंच में उलझ गई। युवाओं का कहना है कि सरकार ने इन पेंचों को सुलझाने में काफी समय लगा दिया। इस कारण अब भर्तियों की व्यवस्था पटरी पर नहीं आ रही है।
अटकी भर्तियों के मामले को लेकर पिछले दिनों मुख्यमंत्री से भी मुलाकात की थी। युवाओं के संघर्ष की वजह से पीटीआई भर्ती का परिणाम जारी हुआ है। नई भर्तियों की विज्ञप्ति भी आगामी दिनों में जारी होने की संभावना है। -उपेन यादव, अध्यक्ष, राजस्थान बेरोजगार एकीकृत महासंघ

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