जयपुर। समय पर दफ्तर नहीं पहुंचने वाले राज्य कर्मचारियों के खिलाफ गहलोत सरकार ने सख्त रुख अपना लिया है। सरकार ने कर्मचारियों के दफ्तर आने जाने के समय पर निगरानी रखने के आदेश प्रशासनिक सुधार विभाग को दिए हैं साथ ही निर्देश भी दिए हैं कि सभी जिला कलेक्टर्स जल्द से जल्द निरीक्षण टीमें गठित करें।
दरअसल सरकार को लंबे समय से कर्मचारियों की लेटलतीफी की शिकायतें मिल रही थी। विभागीय चेतावनी के बाद भी कर्मचारियों पर कोई असर नहीं होने के बाद अब सरकार ने निरीक्षण टीमें गठित करने के फैसला लिया है।
ये निरीक्षण टीमें समय-समय पर विभिन्न विभागों का औचक निरीक्षण करेगी और निरीक्षण के दौरान कार्यालयों की स्थिति रिपोर्ट सरकार को सौपेंगी। रिपोर्ट मिलने के बाद सरकार उन कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी।
ऐसा पहली बार नहीं हो रहा है कि सरकार ने कर्मचारियों की लेटलतीफी को लेकर इस प्रकार का फैसला लिया है बल्कि पूर्ववर्ती वसुंधरा राजे सरकार के समय भी इस तरह के आदेश जारी किए गए थे। अब गहलोत सरकार ने इस नियम को आम जनता से जुड़े हुए कार्यों को प्राथमिकता देते हुए यह आदेश जारी किया है।
सूत्रों की माने तो पिछले दिनों अधिकारियों और कर्मचारियों को लेकर दफ्तरों में अनुपस्थित रहने की शिकायतें लगातार मिल रही थी। इसी को देखते हुए सरकार ने ये टीम गठित करने निर्देश दिए हैं।
सरकार चाहती है कि कर्मचारी और अधिकारी सरकार के काम काज और योजनाओं को अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक पहुंचाए।लेकिन अधिकारी और कर्मचारी अपने दफ्तरों में समय पर नहीं पहुंचते, जिसके चलते न तो काम को गति मिल पाती है और न ही दफ्तर में काम लेकर आने वाले व्यक्ति का समय पर काम हो पाता है। इसके बाद सरकार ने अब कर्मचारियों पर सख्ती दिखाई है।
दरअसल सरकार को लंबे समय से कर्मचारियों की लेटलतीफी की शिकायतें मिल रही थी। विभागीय चेतावनी के बाद भी कर्मचारियों पर कोई असर नहीं होने के बाद अब सरकार ने निरीक्षण टीमें गठित करने के फैसला लिया है।
ये निरीक्षण टीमें समय-समय पर विभिन्न विभागों का औचक निरीक्षण करेगी और निरीक्षण के दौरान कार्यालयों की स्थिति रिपोर्ट सरकार को सौपेंगी। रिपोर्ट मिलने के बाद सरकार उन कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी।
ऐसा पहली बार नहीं हो रहा है कि सरकार ने कर्मचारियों की लेटलतीफी को लेकर इस प्रकार का फैसला लिया है बल्कि पूर्ववर्ती वसुंधरा राजे सरकार के समय भी इस तरह के आदेश जारी किए गए थे। अब गहलोत सरकार ने इस नियम को आम जनता से जुड़े हुए कार्यों को प्राथमिकता देते हुए यह आदेश जारी किया है।
सूत्रों की माने तो पिछले दिनों अधिकारियों और कर्मचारियों को लेकर दफ्तरों में अनुपस्थित रहने की शिकायतें लगातार मिल रही थी। इसी को देखते हुए सरकार ने ये टीम गठित करने निर्देश दिए हैं।
सरकार चाहती है कि कर्मचारी और अधिकारी सरकार के काम काज और योजनाओं को अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक पहुंचाए।लेकिन अधिकारी और कर्मचारी अपने दफ्तरों में समय पर नहीं पहुंचते, जिसके चलते न तो काम को गति मिल पाती है और न ही दफ्तर में काम लेकर आने वाले व्यक्ति का समय पर काम हो पाता है। इसके बाद सरकार ने अब कर्मचारियों पर सख्ती दिखाई है।

Comments
Post a Comment