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पंचायत सहायको को मल्टी टास्क स्टाफ मान रही सरकार

पंचायत सहायको को मल्टी टास्क स्टाफ मान रही सरकार

प्रदेश के 27 हजार पंचायत सहायकों का कार्यकाल एक साल और बढ़ाया...200 करोड़ का बजट
पंचायतीराज विभाग ने सहमति प्रदान कर दी है
विद्यार्थी मित्र से पंचायत सहायक बने कार्मिकों के लिए राज्य सरकार की अाेर से अच्छी खबर अाई है, शुक्रवार को ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग ने पंचायत सहायकों का कार्यकाल एक साल के लिए बढ़ाने एवं मानदेय भुगतान की सहमति प्रदान करने की सिफारिश कर दी है। इनका कार्यकाल 19 मई को खत्म हो गया था। इस बार भी इनकाे मानदेय के रूप में निर्धारित 6000 रुपए प्रति माह ही मिलेगा। जिला मुख्यालय पर अभी इस संबंध में आदेश नहीं पहुंचा है। पूर्ववर्ती सरकार ने विद्यार्थी मित्रों को पंचायत सहायक बनाया था। इनके भर्ती नियमों में एक साल का कार्यकाल ही लिखा गया था, जो 19 मई 2017 को समाप्त हो गया। पूर्ववर्ती सरकार ने इसे एक साल और बढ़ा दिया। दिसंबर 2018 में सरकार बदल गई। नई सरकार काेई निर्णय करती इससे पहले लोकसभा चुनाव अा गए। इसके बाद से पंचायत सहायक कार्यकाल बढ़ाने की मांग करते रहे थे।

200 करोड़ का बजट पंचायतीराज संस्थाओं को

ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग के शासन सचिव एवं आयुक्त आशुतोष एटी पडणेकर द्वारा जारी आदेश में बताया कि राज्य वित्त आयोग की वर्ष 2019-20 की सिफारिशों के बिंदु संख्या 10.27 के अनुसार रुपए 200 करोड़ के भुगतान पंचायतीराज संस्थाओं के माध्यम से किए जाने की सहमति दी गई है। इसकी पालना में पंचायतीराज विभाग द्वारा निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं।

सरकार ने मल्टी टास्क स्टाफ मान रही सरकार

कांग्रेस के विधानसभा चुनाव घोषणा पत्र में था कि सरकार में संविदाकर्मियों, एनआरएचएम, एनयूएचएम कर्मियों, पैराटीचर्स, उर्दू पैराटीचर्स, लोक जुंबिश कर्मियों, आंगनबाड़ी कर्मियों, शिक्षा कर्मियों, विद्यार्थी मित्रों, पंचायत सहायकों आदि की समस्याओं का समाधान कर नियमित किया जाएगा। सरकार अब पंचायत सहायकों को मल्टी टास्क स्टाफ मान कर पारिश्रमिक के रूप में मानदेय देगी।

मानदेय 6 हजार, वह भी समय पर नहीं मिलता

पंचायत सहायक संघ के द्वारिकाधीश सोनी ने बताया कि दो साल पहले अस्थाई तौर पर हर पंचायत में दो से तीन पंचायत सहायक लगाए थे। जिले में करीब 1200 लगे थे। इनका मानदेय ग्राम पंचायतों के विकास मद से दिया जाता है। मानदेय 6 हजार रुपए मासिक निर्धारित है, लेकिन यह भी समय पर नहीं मिलता। लोगों को आिर्थक परेशानी हो रही है। उन्होंने बताया कि चार महीने से बेरोजगारी की स्थिति थी। 

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